[संगीत] तो आज की वीडियो में हम बात करने वाले हैं के यह आपको वर्डप्रेस के अंदर जब भी कोई प्लगइन उसे करते हैं तो उसमें जो प्लगइन आपको एक scuo के फैक्टर्स की लिस्ट दे रहा होता है जिससे वो आपको चेक मार्क करके ये बता रहा होता है की वो फैक्टर आपने अप्लाई किया है या नहीं ये कितनी क्रेडिबल प्रैक्टिस है इसको फॉलो करना चाहिए नहीं.
करना चाहिए और इसका आपकी वेबसाइट और आर्टिकल की ऊपर कितना फैक्ट पड़ता है तो आज की वीडियो में यही क्वेरी क्लियर करने वाला हूं तो अगर आप मुझे पहले दफा देख रहे हैं और एक्साइटेड ऐसी वीडियो के लिए तो चेक कर लें की आपने यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब कर रखा है फेसबुक पर पेज फॉलो किया हुआ है उसके अलावा इंस्टाग्राम पे फॉलो कर सकते हैं.
[संगीत] प्लगइन से जो की आप उसे करते हैं अपने वर्डप्रेस के ब्लॉग में जिसमें नंबर वैन पे आता है उसे उसके बाद रैंक मठ और फिर ऑल इन वैन एस सी ओ जैसे प्लगिंस मोस्ट पॉप्युलर है जो की उसे किए जाते हैं अपनी वर्डप्रेस की सु के लिए वैसे तो मैंने एक डिटेल वीडियो बनाई थी जिसमें मैंने आपको बताया था की प्लगइन कितने इंपॉर्टेंट है.
इनको उसे करना चाहिए नहीं करना चाहिए और क्या इन प्लगइन को उसे किए बगैर भी आपका गुजारा हो सकता है या नहीं हो सकता अगर आपको इन तमाम सवालों के जवाब जानने हैं तो फिर इस वीडियो से आपको मिल जाएंगे तो आप चलते हैं अपने ही वीडियो के टॉपिक पर क्या आपको ये सु के स्कोर जो दिखा रहे होते हैं ये प्लग इन जिसमें आपको आपके टाइटल और आपके फोकस की वर्ड जो की आपने इंटर करने.
होते हैं अपने वर्डप्रेस के ब्लॉग में और उसके बाद वो टाइटल में डिस्क्रिप्शन में ऑल टेक्स्ट में यहां तक के जितनी भी वैल्यूज यहां आपको शो हो रही होती है वो आपसे अवेलेबल करते हैं मुख्तलिफ आर्टिकल के सेक्शन में और फिर जैकलिन करते हैं आपका वो आर्टिकल 100% ऑप्टिमाइज़ हो चुका है और अगर ये 100% ऑप्टिमाइज हो चुका है तो फिर वो रैंक क्यों नहीं करता गूगल के.
सर्च रिजल्ट्स में तो यही क्वेरी मैं आपको लॉजिक के साथ क्लियर करने वाला हूं वर्डप्रेस में जवाब कोई भी आर्टिकल क्रिएट करते हैं ऐड न्यू पोस्ट करके या पेज ऐड करके तो उसके बाद आपने अगर कोई भी सुगा प्लगइन उसे किया होता है तो फिर आपको इस सेक्शन पे नजर ए रहा होता है के कौन से वो फैक्टर्स हैं जो की आपने फॉलो करने हैं जो की एक्टिवेट होते हैं फोकस की वर्ड को.
इंटर करने के बाद फोकस की वर्ड वो की वर्ड होता है जिससे आप चाहते हैं की आपका आर्टिकल गूगल सर्च रिजल्ट्स में उसकी वर्ड के साथ शो होने लग जाए और फिर वो कीवर्ड की अवेलेबल आपसे करवाता है वो ही प्लगइन जो की इन तीनों में से कोई भी हो सकता है जिसमें उसे रैंक मठ ऑल अगर इसके अलावा कोई और प्लगइन उसे कर रहे हैं तो वह भी से फीचर्स अप्लाई कर रहे होते हैं से फीचर्स.
प्रोवाइड कर रहे होते हैं जिसमें मैं आपको फोकस की वर्ड अवेलेबल कराया जाता है आर्टिकल के मुख्य सेगमेंट्स में उसके अलावा टाइटल में यहां तक के परमा लिंक में जो आपका यूआरएल होता है और उसके बाद तमाम चकमार्ग ग्रीन हो के ये शो कर रहे होते हैं की अब आपका आर्टिकल ऑप्टिमाइज हो चुका है तो बेसिकली समझने वाली बात ये है की जब आपसे तमाम चीज फुल फुल कराई हैं तो फिर ये.
तमाम का तमाम फॉर्मूला तमाम वेबसाइट के लिए तमाम नीचे के लिए से ही होता है क्योंकि बेसिकली ये कैलकुलेटर फॉर्मूला है जिसके अगेंस्ट वो तमाम सेक्शंस में यह कीवर्ड के अवेलेबिलिटी करवा रहा होता है पर मोस्ट ऑफ डी केसेस में जिनकी शब्द पर कंपटीशन बहुत ज्यादा कम होता है वहां पर तो यह फॉर्मूला कम कर जाता है पर जहां पर कंपटीशन थोड़ा ज्यादा होता है.
वहां पर ये फॉर्मूला नहीं कम करता है क्यों क्योंकि मैंने इस स्पेसिफिक वीडियो में आपके टूर सजेस्ट किया था जिसका नाम है sarfaro जिसका लिंक मैंने डिस्क्रिप्शन में भी दिया हुआ है और मैं बहुत सालों से उसको उसे कर रहा हूं और बहुत ही जबरदस्त है मेरे लिए को लेकर ए रहा है यह टूल पेड़ है और बहुत अच्छी खासी अमाउंट आपसे चार्ज करता है पर आर्टिकल के लिए और इसका फायदा.
यह होता है की जब भी आप इसमें कीवर्ड इंटर करते हैं तो फिर ये कैलकुलेशन प्रोवाइड करता है गूगल के सर्च रिजल्ट्स देखते हुए की ऐसी वेबसाइट जो के लोग कंपटीशन है और जिनकी कैलकुलेशन को वो प्रोवाइड करता है आपको अब ये मेकैनिज्म ये कैलकुलेशन हर आर्टिकल के लिए वेरी करती है हर लोकेशन के लिए वेरी करते हैं हर कंट्री के लिए वेरी करती है तो इसलिए ये कैलकुलेशन चेंज होती.
रहती है अब यहां पर अगर हम कंपेयर करते हैं उसे एस सी ओ प्लगइन के स्कोर को जो की आपको हमेशा एक फॉर्मूले के तहत वो तमाम वैल्यूज फिट कर रहा होता है तो इसलिए उसका रिजल्ट 100% कभी भी नहीं हो सकता क्यों क्योंकि जब भी गूगल की अपडेट आती है रिजल्ट्स ऊपर-नीचे होते हैं तो कीवर्ड की डेंसिटी कीवर्ड की कैलकुलेशन यहां तक आर्टिकल का वर्ड काउंट भी चेंज हो रहा.
होता है तो इस पर एक लिमिट से ज्यादा डिपेंड नहीं किया जा सकता पर अगर आप 100% रिजल्ट लेना चाहते हैं तो इस वीडियो को आप बहुत डिटेल में देखेंगे यहां से आपको क्लियर कट आइडिया हो जाएगा और अगर आप 99% यहां तक की 100% रिजल्ट लेना चाहते हैं तो फिर आपको ये वीडियो देखनी पड़ेगी और आप रिजल्ट ही सकते हैं और अगर आपके पास बजट नहीं है और ये फॉर्मूला आपके लिए अभी तक.
कम कर रहा है तो फिर आप इसको उसे कर सकते हैं तो ये थी आज की वीडियो जिसमें मैंने आपकी कन्फ्यूजन क्लियर करने की कोशिश की है की जो यूज्ड का स्कोर लुक क्लेम कर रहे होते हैं मैसेज में की मेरा ये स्कोर हो गया और मैं इसको बढ़ाना चाहिए नहीं बढ़ाना चाहिए तो आपको मैंने लॉजिक के साथ बता दिया की कितना डिपेंड किया जा सकता है इसके ₹100 और ऑथेंटिक प्रेक्टिस क्या है.
और अगर ये तमाम बातें आपको अच्छी तरह समझ ए चुकी है तो फिर आप कमेंट में आए अभी ट्राई करना मत bhuliyega उसके अलावा आपसे दोस्तों वो टैग जरूर कीजिएगा जो की से फीट से रिलेटेड है और इसी की संख्या क्वेश्चंस फेस कर रहे होते हैं जाने से पहले ये जरूर चेक कर लें की आपने यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब कर रखा है फेसबुक पे पेज फॉलो किया हुआ है उसके अलावा इंस्टाग्राम पे.
फॉलो कर सकते हैं थैंक यू वेरी मच हैव अन गुड एंड सेफ दे [संगीत]

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